Sad Shayari

पत्थर समझकर पांव से ठोकर लगा दी.. अफसोस तेरी आँखो में पता नहीं मुझे, क्या-क्या उम्मीदें बांधकर आया था सामने.. उसने तो आंख भर के भी देखा नहीं मुझे..!!

Sad Shayari

मुझको ऐसा दर्द मिला जिसको दवा नहीं.. फिर भी खुश हूं मुझे उस से कोई गिला नहीं, और कितने आसूँ बहांऊ मैं उसके लिए .. जिसको खुदा ने मेरे नसीब में लिखा नहीं..!!

The Shayari Express

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